बिहार में जल-प्रलय की आहट; कई जगह तटबंध टूटे, पटना-नेपाल सड़क संपर्क भंग

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बिहार व नेपाल के जल-ग्रहण वाले इलाकों में भारी बारिश के कारण बिहार में अब जल-प्रलय जैसे हालात बनते दिख रहे हैं। कोसी व बागमती सहित प्रमुख नदियों में भयानक उफान के कारण त्राहिमाम की स्थिति है। देर रात बागमती के पानी के कारण सीतामढ़ी में पटना को नेपाल से जोड़ने वाला महत्‍वपूर्ण पुल टूट गया। उधर, कोसी प्रमंडल में तटबंध के भीतर अचानक पानी के प्रवेश के बाद वहां से लोगों का पलायन शुरू है। सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, चंपारण व किशनगंज सहित जगह-जगह तटबंध टूटे हैं। कोसी तटबंध पर पानी का भयानक दबाव है। एहतियातन कोसी बराज से चार लाख क्‍यूसेक पानी छोड़ा गया है। बराज के सभी 56 फाटक खोल दिए गए हैं। इस बीच मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर प्रशासन अलर्ट मोड में है। प्रभावित जिलों में सरकारी अधिकारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है। उधर, पीडि़त लोग प्रदर्शन भी करने लगे हैं। सुपौल के गढिय़ा वार्ड संख्या आठ में शनिवार रात सुरक्षा बांध टूटने से आक्रोशित लोगों ने रविवार दोपहर को नेशनल हाईवे जाम कर दिया। बांध टूटने के कारण लोगों के घरों में पानी घुस गया है। लोग प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग कर रहे थे। इस जाम के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम करने वालों का कहना था कि सुरक्षा बांध के टूट जाने के बाद उन लोगों के घरों में एक दाना तक नहीं बचा है। कपड़े व बर्तन भी डूब गए हैं। पानी घुसने के करीब 12 घंटे बीतने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई सहायता नहीं भेजी गई। घर में फंसा सामान निकालने के लिए भी लोगों को कोई सहायता नहीं मिल पा रही है। जाम स्थल पर मौजूद कई महिलाओं ने कहा कि रात में बच्चों के खाने के लिए भी कुछ नहीं है। लोग तत्काल सहायता की मांग कर रहे थे। बाद में प्रखंड प्रमुख विजय कुमार यादव एवं भपटियाही थानाध्यक्ष प्रभाकर भारती के आश्वासन पर लोगों ने जाम हटाया। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि बिहार के छह जिले (शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, अररिया व किशनगंज) बाढ़ प्रभावित हैं। संबंधित जिलों के डीएम बाढ़ राहत के काम में जुट गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग भी स्थिति पर नजर है। सीतामढ़ी में सुप्पी प्रखंड के जमला गांव के पास बागमती नदी का बांध टूट गया है। इस करण सुप्पी प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से घुस रहा है। बांध टूटने से लोगों में हाहाकार मच गया है। सोनबरसा और परिहार के नए इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से भी लोग दहशत में हैं। सीतामढ़ी का पूर्वी चंपारण जिले से सड़क संपर्क भी भंग है। बागमती में उफान के कारण सीतामढ़ी के मेजरगंज में पटना को सीतामढ़ी से जोड़ने वाली सड़क पर स्थित पुल शनिवार की देर रात बह गया। इस कारण पटना का सीतामढ़ी से सड़क संपर्क टूट गया है। यही सड़क पटना को नेपाल से जोड़ती है। इस कारण पटना का सीतामढ़ी होकर नेपाल से सड़क संपर्क टूट गया है। बाढ़ के हालात को देखते हुए सीतामढ़ी में डीएम रंजीत कुमार ने जिले में सभी सरकारी व गैरसरकारी स्‍कूलों को 20 जुलाई तक बंद करने का निर्देश दिया है। बिहार व नेपाल में कोसी के जल-ग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण कोसी नदी अपना रौद्र रूप दिखाने लगी है। डेढ़ दशक बाद इसका डिस्‍चार्ज चार लाख क्‍यूसेक पार गया है। इससे पूर्व 2004 में यहां का डिस्चार्ज चार लाख के करीब पहुंचा था। रविवार घरों में पानी घुस जाने से तटबंध के अंदर के गांवों में अफरा-तफरी मच गई है। लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निकलने लगे हैं। देर रात से ही अफरा-तफरी का माहौल है। किसी के घर बह गए हैं तो किसी के मवेशी। सुपौल के सरायगढ भपटियाही प्रखंड अंतर्गत गढ़िया सुरक्षा बांध टूट जाने से वहां बसी एक हजार आबादी के लिए विकट समस्या खड़ी हो गई है । पूर्वी तटबंध के 33.90 किमी स्परों के उपर से पानी बह रहा है। ये स्पर एनएच 57 से बिलकुल सटे हैं। वहीं मरौना निर्मली मुख्य सड़क मरौना चौक के समक्ष टूट गई है, जिससे मरौना थाना और स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र से लोगों का संपर्क टूट गया है।

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