पंजाब को बड़ी राहत

0
9

संसद में रखी जा चुकी 15वें वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट से बेशक अभी पंजाब को 31 हजार करोड़ रुपये के कर्ज पर कोई राहत नहीं मिली है, लेकिन इस बार जिस तरह का फार्मूला बनाया गया है उससे पंजाब को अन्य मदों में कुछ फायदा मिलता नजर आ रहा है। 14वें वित्त आयोग ने केंद्रीय करों में पंजाब की हिस्सेदारी 1.57 फीसद तय की हुई थी जिसे 15वें वित्त आयोग ने बढ़ाकर 1.78 फीसद कर दिया है। हर साल केंद्र सरकार के पास एकत्रित होने वाले कुल रेवेन्यू में से यह राशि पंजाब को बढ़कर मिलनी है, लेकिन यह कितनी होगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित साल में केंद्र सरकार ने कितने टैक्स जुटाए हैं। चालू वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार से पंजाब को 11,273 करोड़ रुपये मिले थे, अगले वित्तीय वर्ष में 14,201 करोड़ रुपये मिलेंगे। पंजाब का वित्त विभाग आंकड़ों का आकलन करने में जुटा हुआ है कि आखिर इससे पंजाब को कितनी राशि मिलेगी। एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट में आकंड़े कुछ और दिए हैं, लेकिन केंद्रीय मंत्री बजट में कुछ और दिखाए हैं। मसलन राज्यों के राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए वित्त आयोग ने 76 हजार करोड़ रुपये की राशि रखी है। इसमें से पंजाब को 7,659 करोड़ रुपये मिलेंगे लेकिन बजट में यह राशि तीस हजार करोड़ रुपये रखी गई है। ऐसे में केंद्र सरकार राज्यों को शेष राशि कहां से देगी, इसके बारे में कोई पता नहीं है। अन्य ग्रांटों की बात करें तो पंजाब की नगर पालिकाओं को 668 करोड़ और पंचायतों को 1388 करोड़ रुपये मिलेंगे। आयोग ने डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए भी 660 करोड़ रुपये की ग्रांट दी है। अमृतसर और लुधियाना को विशेष ग्रांट भी दी गई है। अमृतसर को 76 करोड़ तो लुधियाना को 104 करोड़ रुपये मिलेंगे। 15वें वित्त आयोग को अपनी फाइनल रिपोर्ट देनी है, लेकिन अंतरिम रिपोर्ट से साफ है कि आयोग ने पंजाब द्वारा केंद्रीय पूल में दिए जा रहे योगदान को नहीं माना है। आयोग ने जिन राज्यों में जंगल हैं वहां की राशि तो बढ़ा दी है लेकिन पंजाब की इस दलील को नहीं माना कि राज्य के किसान उसी जमीन पर खेती करते हैं, इसलिए जंगल नहीं है। एक सीनियर अधिकारी ने यह भी कहा कि पंजाब का देश की जीडीपी में कुल योगदान 2.87 फीसद है, लेकिन केंद्रीय करों से राज्य को मात्र 1.78 फीसद मिल रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here