ईरान और अमेरिका में जंग नहीं मगर जंग से कम भी नहीं

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इराक़ की राजधानी बग़दाद में 03 जनवरी 2020 को ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को अमेरिकी हवाई हमले में मार दिए जाने के बाद ईरान का गुस्सा होना स्वभाविक ही बनता है उसने तुरंत ही बदला लेने की बात कह कर साफ़ कर दिया था कि वह अब ख़ामोश नहीं बैठेगा और वह बैठा भी नहीं उसने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तमाम चेतावनीयों के बावजूद इराक में अमेरिकी सेना के ठिकानों पर हमला कर दिया है. ईरान ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है. इस हमले में दर्जन भर से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं. ईरान के सरकारी टीवी चैनल प्रेस टीवी के मुताबिक इस हमले में 80 अमेरिकी सैनिक मारे जाने की खबर है. अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई महीनों से तनाव चल रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति अब जंग की तरफ तब बढ़ी जब अमेरिका ने हवाई हमले में ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराया. अमेरिका के इस हमले के खिलाफ पूरा ईरान एक तरफ खड़ा हो गया, यहां तक कि इराक से लेकर दुनिया के कई देश और पूरा शिया समुदाय यूएस मिलट्री के इस कृत्य की निंदा में उतर आया है. ईरान ने साफ कह दिया कि वो कासिम सुलेमानी की मौत का कड़ा इंतकाम लेंगे.वो युद्ध नहीं चाहते मगर बदला लिया जाएगा. इस उद्घोषणा के साथ ही ईरान ने कासिम सुलेमानी के शहर कोम में एक मस्जिद पर लाल झंडा लहराकर युद्ध के संकेत दे दिए. इतना ही नहीं, कासिम सुलेमानी को दफनाने से पहले ईरान ने एक्शन लेना शुरू कर दिया. ईरान ने सबसे पहले इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास के नजदीक दो दिन तक हमले किए. दूतावास के क्षेत्र यानी ग्रीन जोन में रॉकेट दागे गए, ईरान की इस कार्रवाई के बीच डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगातार धमकियां आती रही हैं. ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि अगर ईरान ने कुछ किया तो वह उसकी सांस्कृतिक धरोहरों को भी तबाह कर देगा. मिलिट्री बेस पर हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट में लिखा, ‘ऑल इज वेल. इराक में हमारे दो सैन्य ठिकानों पर ईरान ने मिसाइलें दागी हैं. नुकसान का आकलन किया जा रहा है. अब तक सब ठीक है. हमारे पास दुनिया में की सबसे शक्तिशाली और बेहतर सेना है. मैं कल सुबह बताऊंगा. ट्रंप की इस सधी प्रतिक्रिया के बाद ईरान ने भी अपना बयान जारी कर दिया है. ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कहा है कि हम नियमों के तहत अपने बचाव में कार्रवाई कर रहे हैं. हम युद्ध नहीं चाहते हैं लेकिन हम किसी भी प्रहार से खुद को बचाएंगे और जिन सैन्य बेस से हमारे नागरिकों और सीनियर अफसरों को निशाना बनाया गया है. यानी ईरान न सिर्फ अटैक कर जवाब दे रहा है, बल्कि वह खुलेआम अपने एक्शन को स्वीकार भी रहा है. जबकि दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सैन्य ताकत बताकर ईरान के खिलाफ सख्त एक्शन के बयान दे रहे हैं. हालांकि, अमेरिका ने ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ को वीजा न देकर उनके UN समिट में आने पर ब्रेक लगा दिया है, लेकिन मिलिट्री एक्शन के जरिए ईरान ने अमेरिका को आघात पहुंचाना शुरू कर दिया है, जिसे उसका बदला माना जा रहा है उधर अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने अपने ताजा बयान में कासिम सुलेमानी को मार गिराने के फैसले को सही बताया है. उन्होंने कहा कि कासिम सुलेमानी की हत्या करके अमेरिका ने सही किया है पूरी दुनिया में अमेरिका और ईरान की इस अघोषित जंग को लेकर प्रतिकिर्याएं हो रही हैं क्योंकि माना जा रहा है कि इसका प्रभाव पूरी दुनिया में पड़ेगा,भारत सहित खाड़ी देशों को झेलना पड़ेगा ,पल पल क्या होने वाला है यह कोई नहीं जानता, दुनिया क्या एक और विश्व युद्ध की और बढ़ चुकी है? जो सिर्फ और सिर्फ तबाही बर्बादी का सन्देश है.

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