यूपी-एमपी सीमा सील

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चैत्र अमावस्या पर शायद पहली बार धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का रामघाट मंगलवार को सूना रहा। कामदगिरि परिक्रमा पथ से लेकर मध्यप्रदेश के सतना क्षेत्र स्थित तीर्थ स्थलों पर लोग नहीं आए। कुछ बाइक से आए भी तो सीमा सील होने के कारण रामघाट तक नहीं पहुंच सके। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए साधु-संत लगातार लोगों से तीर्थ क्षेत्र में नहीं आने की अपील भी कर रहे हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के रामघाट पर अमावस्या मेला लगता रहा है, वहीं चैत्र नवरात्र की अमावस्या पर लाखों लोग स्नान के लिए आते रहे हैं। इस बार कोराेना वायरस के खतरे को देखते हुए प्रदेशी की समीओं को सील करने के साथ सड़कों पर आवागमन बंद कर दिया गया है। लोगों को ज्यादा से ज्यादा घर के अंदर ही रहने की हिदायत दी जा रही है। इसके चलते संत समाज ने भी लोगों से अमावस्या मेले में नहीं आने की अपील की थी। मंगलवार को रामघाट पर दूरस्थ क्षेत्रों से स्नानर्थियों के नहीं आने से सन्नाटा पसरा रहा। बुजुर्गों और स्थानीय लोगों की मानें तो शायद सैकड़ों साल में ऐसा पहली बार हुआ है कि रामघाट पर अमावस्या पर स्नान के लिए श्रद्धालु नहीं आए हैं। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए जीवन रक्षा के लिए ऐसा जरूरी भी है। चैत्र अमावस्या को लेकर मंगलवार को लोगों के आने की संभावनाओं को लेकर यूपी-एमपी प्रशासन पहले से सतर्क रहा। मध्य प्रदेश के सतना जिला प्रशासन ने चित्रकूट की सभी सीमाएं सील कर दीं। रामघाट पर मंदाकिनी स्नान और कामदगिरि परिक्रमा पथ पर किसी श्रद्धालु को प्रवेश नहीं दिया गया, यहां पर बैरियर व बेरीकेडिंग लगाई गईं। उधर, यूपी चित्रकूट क्षेत्र में भी श्रद्धालुओं से नहीं आने को लेकर अपील की गई। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सतना जिला मजिस्ट्रेट अजय कटेसरिया ने मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश चित्रकूट सीमा का अंतरराज्यीय बार्डर लॉकडाउन कर दिया है। चित्रकूट में मंगलवार को चैत्र अमावस्या मेला को लेकर रीवां संभाग के कमिश्नर डा. अशोक भार्गव और डीआइजी अनिल कुशवाह के साथ एसपी रियाज इकबाल, एसडीएम एचके ध्रुर्वे और नगर पालिका के सीएमओ रमा कांत शुक्ला ने दौरा किया। अधिकारियों ने महामारी से बचाव को लेकर श्रद्धालुओं से चित्रकूट की यात्रा नहीं करने की अपील की, जिसका असर दिखा। उन्होंने मंदाकिनी में स्नान व कामदगिरि परिक्रमा पर प्रतिबंध के निर्देश भी दिए। वहीं, चित्रकूट डीएम शेषमणि पांडेय ने बताया कि लगातार श्रद्धालुओं से चित्रकूट नहीं आने को लेकर अपील का असर रहा कि कोई भी श्रद्धालु नहीं आए, यह सकारात्मक कदम है।

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