मुश्किल में बिहार

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दिल्ली में रहने वाले बिहारियों की वहां से बड़े पैमाने पर बसों से हो रही बिहार वापसी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हमले के बाद अब उसके सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री (CM) अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को निशाने पर लिया है। जेडीयू के दिल्ली प्रभारी और बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा (Sanjay Kumar Jha) ने केजरीवाल का नाम लिए बगैर कई ट्वीट किए, जिनमें उन्‍होंने कहा कि कुछ लोगों के लापरवाह और अमानवीय कर्मों ने बिहार को न केवल मुश्किल में डाला है, बल्कि राज्‍य में कोरोना के विस्फोटक खतरे को भी आमंत्रित कर दिया है। विदित हो कि कोरोना को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ. संजय जायसवाल (Dr. Sanjay Jaishwal) ने दिल्‍ली में फंसे बिहारियों को वहां से भगाने का आरोप लगाते हुए दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। उन्‍होंने इसे लॉकडाउन (Lockdown) को फेल करने की साजिश बताया। कहा कि इससे उत्तर प्रदेश और बिहार के गांव-गांव तक कोरोना का संक्रमण पहुंच जाएगा। डॉ. संजय जायसवाल के बाद अब जेडीयू के दिल्‍ली प्रभारी संजय कुमार झा का बयान आया है। संजय कुमार झा ने लिखा है कि कुछ लोगों के लिए उनकी ओछी राजनीति और संकीर्ण मानसिकता ही प्राथमिकता है। जैसे, काले जादू के जोर से अचानक ही लाखों लोग दिल्ली से पलायन करने लगे और आज बिहार की सीमाएं जिनसे भरी हैं। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का लॉकडाउन खतरे में पड़ गया है। संजय कुमार झा ने आगे कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण तो यह है कि जिन लोगों ने दिल्ली से जनता को भगाया, उनकी बड़ाई की जा रही है। जबकि, जिन्होंने पूरी तरह से लॉकडाउन का पालन किया और कराया, उनको आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है। एक अन्‍य ट्वीट में संजय झा ने कहा कि शनिवार को ही मुख्यमंत्री (CM) नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने दिल्ली में सभी महत्वपूर्ण लोगों से बात की और उनको दिल्ली से हुए इस बेहद खतरनाक व गढ़े हुए पलायन के हरेक पहलू की जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि ऐसे हालात में प्रवासी बिहारियों को बिहार भेजना बेहद खतरनाक है। पर इसका कोई असर नही दिखा। ऐसे में बिहार पर कोरोना का खतरा बुरी तरह से मंडरा रहा है। संजय झा ने केजरीवाल का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोगों के लापरवाह और अमानवीय कर्मों ने न केवल बिहार को मुश्किल में डाल दिया है, बल्कि भविष्य में कोरोना के विस्फोटक खतरे को भी आमंत्रित किया है। सीमाओं पर खड़े लोग अब अपने गांव-घर जाने पर आमादा हैं। बिहार के अंदर और सीमा पर भी, कुल 78 जगहों पर आपदा सीमा राहत केंद्रों में हमने लोगों के रहने, खाने और स्वास्थ्य की जांच-संबंधी व्यवस्था की है। बाहर से बिहार आनेवलों को सीमा पर ही रोक कर उनकी जांच करवायी जा रही है। वहां लोगों को क्वारंटाइन में रखा जा रहा है।

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