पंजाब एकता पार्टी के प्रमुख सुखपाल खैहरा गिफ्तार

0
167

शहर से बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की खबर है। जालंधर पुलिस ने पंजाब एकता पार्टी के प्रमुख सुखपाल खैहरो को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें कबड्डी खिलाडी अरविंदर पहलवान की पुलिस वाले द्वारा हत्या करने के मामले में पकड़ा गया है। खैहरा को देशभगत यादगार हॉल से उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह वहां अरविंदर पहलवान के समर्थन में कैंडल मार्च निकालने पहुंचे थे। उससे पहले ही, डीसीपी गुरमीत सिंह की अगुआई में पुलिस वहां पहुंची और उन्हें पकड़ कर थाना पांच ले गई। वहां पुलिस ने विधायक सुखपाल खैहरा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि खैहरा ने कोरोना वायरस की महामारी को लेकर लगे कर्फ्यू में लोगों की जान के लिए खतरा पैदा किया है। खैहरा ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट और एपिडेमिक्स एक्ट का उल्लंघन किया है। डीसीपी इन्वेस्टिगेशन गुरमीत सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किसी भी तरह की सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक भीड़ इकटठा करने पर पाबंदी लगा रखी है। इसके बावजूद कैंडल मार्च के आयोजकों ने पुलिस से कोइ मंजूरी नहीं मांगी। डीसीपी ने कहा कि इसके बारे में पुलिस व एसडीएम जयइंदर सिंह ने सुखपाल खैहरा को सतर्क भी किया था कि वह देशभगत यादगार हाल में प्रदर्शन के लिए लोगों को इकटठा न करें। इसके बावजूद विधायक खैहरा ने गैरजिम्मेदाराना व निंदनीय कार्य किया है। उन्होंने जानबूझकर लाॅकडाउन का उल्लंघन किया है। खैहरा के खिलाफ थाना डिवीजन चार में धारा 188 आइपीसी, 51 डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट और 3(2)एपिडेमिक डिजीज एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। उनके तीस समर्थकों पर भी केस दर्ज किया गया है। बता दें कि कुछ दिन पहले अरविंदर पहलवान की कथित रूप से एक पुलिस वाले ने हत्या कर दी थी। इसी को लेकर सुखपाल खैहरा ने अरविंदर पहलवान को न्याय दिलाने की मुहिम चला रखी है। इसी के संबंध में वह जालंधर में कैंडल मार्च में हिस्सा लेने आए थे कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। खैहरा ने पंजाब पुलिस की मैं भी हरजीत सिंह की तर्ज पर ही मैं भी पहलवान मुहिम चला रखी है। बता दें कि पंजाब पुलिस के सब इंस्पेक्टर हरजीत सिंह पर पटियाला में निहंग सिख ने हमला कर कलाई से उनका हाथ काट दिया था। बाद में पीजीआई में सफल सर्जरी के बाद उनका हाथ जोड़ दिया गया था। बाद में सुखपाल खैहरा और उनके समर्थकों को पुलिस ने जमानत पर छोड़ दिया है। जमानत पर बाहर आने के बाद सुखपाल खैहरा ने कहा कि सरकार के पास यही पर्चा दर्ज करने का हथियार है लेकिन हम यहां इंसाफ की आवाज उठाने आए थे। हमें किसी पर्चे का डर नहीं है। खैहरा ने दावा किया कि उन्होंने कहीं साइन नहीं किए, पुलिस ने खुद ही उन्हें छोड दिया। खैहरा ने कहा कि उन्होंने कोइ लाॅकडाउन नहीं तोड़ा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here