केंद्र के फैसले से दिल्ली को मिली बड़ी राहत

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दिल्ली में हो रहे चिंताजनक हालात के बीच केंद्र सरकार ने जिस तरह से दिल्ली की मदद के लिए बात कही है, इससे दिल्ली को बड़ी राहत मिल सकेगी। खासकर जांच तीन गुना बढ़ा देने का फैसला कोरोना पर बड़ा प्रहार होगा। इससे संक्रमण पकड़ में आ सकेगा। बीमार लोगों को होम आइसोलेट किया जा सकेगा या उन्हें अस्पताल में भर्ती किया जा सकेगा। वहीं, केंद्र से तैयार 8000 बेड मिल जाने से भी बड़ी राहत मिल सकेगी। केंद्र ने सुविधाओं से लैस ट्रेनों में 8000 बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, स्टाफ, जांच की सुविधा आदि दिल्ली उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। लोगों के हित में ये जो फैसले लिए गए हैं इससे दिल्ली के लोगों को जरूर लाभ मिलेगा, लोगों को बचाया जा सकेगा।
यहां बता दें दिल्ली इस समय मरीजों के लिए बेड की कमी से जूझ रही है।प्राइवेट अस्पतालों में बेड भर चुके हैं। 31 जुलाई तक बढ़ने वाले संभावित साढ़े 5 लाख मरीज और उनकी जरूरत के हिसाब से 80 हजार बेड की आवश्यकता लोगों को ही नहीं दिल्ली सरकार को भी चिंता में डाल रही है। हालांकि, दिल्ली सरकार बेड के लिए जी जान से प्रयास कर रही है साथ ही लोगों को जागरुक भी कर रही है कि जिससे वे बीमारी की चपेट में न आएं। अपनी चिंता को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कुछ दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे और दिल्ली के हालात के बारे में उन्हें अवगत कराया था। दिल्ली के हालात को समझते हुए उपराज्यपाल भी आगे आ चुके हैं। वह भी लगातार बैठकें बुला रहे हैं। उन्होंने भी मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है जिसे मुख्यमंत्री मुख्य सचिव पुलिस कमिश्नर सहित सभी आला अधिकारी मौजूद रहेंगे।
दिल्ली में मरीजों की जांच की बात करे तो अभी तक दो लाख 83 हजार 239 लोगों की कोरोनावायरस की जांच की गई है। 22000 से अधिक लोग इस समय कोरोनावायरस के एक्टिव मरीज हैं। इनमें से 19000 से अधिक लोग अपने घर पर कर कोरोना का इलाज करा रहे हैं। यह संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। 14000 लोग ठीक भी हो चुके हैं तो 12 सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यहां बड़ी चिंता 50 फीसद मरीजों में वायरस का श्रोत का पता न चल पाना है। ऐसे समय में एक बड़ा मुद्दा है कि अधिक से अधिक लोगों की जांच की जा सके। मगर जांच तभी हो सकती है।जब पर्याप्त स्टॉप उपलब्ध हो। केंद्र सरकार ने जिस तरह से 2 दिन के अंदर कोरोना जांच को दो दुनी करने और 6 दिन के अंदर तीन गुनी कर देने का लक्ष्य रखा है। इससे बहुत मदद मिल सकेगी, क्योंकि दिल्ली सरकार बार-बार यह बात कहती रही है कि अधिक से अधिक लोगों जांच कर उन्हें होम आइसोलेशन कराया जाना चाहिए, जिससे बीमारी लोगों में न फैल सके। मगर संसाधन की कमी के चलते यह कार्य बहुत तेजी नहीं पकड़ पा रहा था। हालांकि इस समय दिल्ली में प्रतिदिन 5000 लोगों की जांच की जा रही है। वहीं केंद्र सरकार ने कंटेनमेंट जोन में घर घर जाकर लोगों की जांच करने की रणनीति तैयार की है इससे भी आगे चलकर बहुत बड़ी राहत मिल सकेगी। जांच के लिए दाम फिक्स किए जा रहे हैं।

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