दिल्ली में टिड्डी दल का खतरा

0
34

राजधानी दिल्ली में शनिवार को भले ही टिड्डी दल दक्षिणी दिल्ली से होकर गुजर गया हो लेकिन खतरा अभी भी बरकरार है। संभावना है कि टिड्डी दल कभी भी दिल्ली में एक बार फिर से आ सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि शनिवार को आए डिड्डी दल से कोई नुकसान नहीं हुआ। टिड्डियों के प्रवेश करने के खतरे को देखते हुए राजधानी के सभी जिले अलर्ट पर हैं। इसके साथ ही दक्षिण और दक्षिण-पश्चिमी जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों से कहा गया है कि टिड्डी दल से निपटने के लिए दवाओं का छिड़काव समेत अन्य सभी चीजों पर विशेष ध्यान दें। टिड्डियों के एकाएक दिल्ली पहुंच जाने की सूचना पर शनिवार को कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने विकास आयुक्त, मंडलायुक्त और दिल्ली सरकार के कृषि निदेशक के साथ बैठक कर टिड्डियों को भगाने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। मीटिंग के बाद गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में अभी टिड्डियों की जो टुकड़ी आई है, वह बहुत छोटी है। अभी हवा दक्षिण की तरफ जा रही है। अगर हवा में कोई बदलाव आता है तो शायद दिल्ली की तरफ इनका रुख बदल सकता है। इसलिए पूरी स्थितियों को मॉनिटर किया जा रहा है। इसके लिए हमने विकास आयुक्त को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। हम केंद्र सरकार के अधिकारियों के संपर्क में भी रहेंगे ताकि हम समय रहते कार्रवाई कर सकें। कोरोना महामारी के बाद लोगों की परेशानी बढ़ाने के लिए शनिवार को गुरुग्राम के रास्ते से दिल्ली में टिड्डी दल का प्रवेश हो गया। दिल्ली में टिड्डी दल का प्रवेश दक्षिणी दिल्ली के आया नगर में हुआ। यहां से टिड्डी दल जौनापुर, असोला और छतरपुर इलाके में पहुंचा। टिड्डी दल के प्रवेश करते ही लोगों ने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर लीं। लेकिन काफी ऊंचाई पर उड़ता हुआ टिड्डी दल तेजी से गुजर गया।
टिड्डी दल के खेतों में प्रवेश न करने के कारण यहां के किसानों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ। यहां मांडी गांव के स्थानीय निवासी नरेंद्र ने बताया कि टिड्डी दल की गति इतनी तेज थी कि लोग इन्हें भगाने के लिए कुछ इंतजाम करते तब तक वह गुजर गया। दरअसल दक्षिणी दिल्ली के भाटी माइंस, आया नगर और छतरपुर इलाके में खेती होती है। वहीं गुरुग्राम से लगती पश्चिमी दिल्ली की सीमा के दो गांव शिकारपुर और झटीकरा के लोगों को गांव में टिड्डी दल के आने की आशंका थी, लेकिन टिड्डी दल गुरुग्राम-दिल्ली बॉर्डर से ही गुजर गया। इस दौरान टिड्डी दल का पश्चिमी दिल्ली में प्रवेश नहीं हुआ। इससे पहले शनिवार की सुबह हरियाणा से दिल्ली में टिड्डी दल के प्रवेश करने से एयरपोर्ट अधिकारियों में बेचैनी बनी रही। इसकी जानकारी मिलते ही दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने अपेक्षित टिड्डी हमले के मद्देनजर आइजीआइ एयरपोर्ट से उड़ने और उतरने वाली उड़ानों के पायलट को सावधानी बरतने का संदेश जारी कर दिया। हालांकि संयोग रहा कि टिड्डी दल का प्रभाव एयरपोर्ट पर नहीं दिखा। जिससे अधिकारियों ने राहत की सांस ली। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) अधिकारी ने बताया कि एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। सामान्य रुप से उड़ाने उड़ीं। दिल्ली एटीसी अधिकारी ने बताया कि एजेंसियों से शनिवार को टिड्डी हमले के संबंध में अलर्ट मिला था। वहीं, एयरपोर्ट से सटे गुरुग्राम और द्वारका में टिड्डियों के झुंड देखे गए थे। जिसके बाद विभाग ने आइजीआइ एयरपोर्ट पर लैंडिंग और टेक-ऑफ करते समय आवश्यक सावधानी बरतने के लिए सभी एयरलाइंस के पायलटों को एक संदेश भेजा था।
दरअसल लॉकडाउन के कारण एयरपोर्ट से सिर्फ विशेष विमान और सीमित रूट पर घरेलु उड़ानों का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में आइजीआइ से रोजाना करीब 300 से 350 उड़ानें ही संचालन हो रही हैं। जबकि पहले आम दिनों में औसतन 1200 उड़ानों का संचालन होता था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here