Monday, November 29, 2021
spot_img
HomeUncategorizedतालिबान सरकार के प्रमुख बनने जा रहे हिबतुल्‍ला अखुंदजादा

तालिबान सरकार के प्रमुख बनने जा रहे हिबतुल्‍ला अखुंदजादा

अफगानिस्‍तान की तालिबान सरकार उसके सबसे बड़े नेता हबीतुल्‍ला अखुंदजादा के इशारे पर चलेगी। इसका केंद्र कंधार होगा जो तालिबान का गढ़ भी कहा जाता है। तालिबान के प्रवक्‍ता के मुताबिक अखुंदजादा काफी लंबे समय से यहीं पर अपने एक सुरक्षित ठिकाने में रह रहा है। जल्‍द ही वो देश और दुनिया के सामने आएगा। वर्ष 2016 में इस संगठन के मुखिया अख्‍तर मंसूर की अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत के बाद अखुंदजादा ने इसकी कमानअपने हाथों में ले ली थी। खुंदजादा तालिबान के उन गिने चुने नेताओं में से है जिसके बारे में बेहद कम जानकारी सामने आती है। तालिबान की कमान संभालने के बाद से अब तक एक बार भी ये सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। हालांकि इस्‍लामिक त्‍योहारों पर ये वीडियो संदेश के जरिए अपने समर्थकों को बधाई संदेश जरूर भेजता है। इसके बारे में संगठन के बेहद कम लोगों को ही जानकारी होती है। तालिबान हमेशा से ही अपने सुप्रीम कमांडर को बेहद खुफिया तरीके से रखता आया है। पर्दे के पीछे रहकर ये केवल अपने आतंकियों को आदेश देते हैं और भावी रणनीति पर अपनी मुहर लगाते हैं। मुल्‍ला उमर हो या अख्‍तर मंसूर सभी को ऐसे ही रखा गया है और सभी ने यही काम किया है। 1996-2001 के दौरान जब अफगानिस्‍तान की कमान तालिबान के हाथों में थी, तब भी अखुंदजादा बेहद कम बार ही काबुल आया था। गौरतलब है कि दो दशक तक चली जंग के दौरान और काबुल पर कब्‍जे के बाद से अब तक अखुंदजादा का कोई भी बयान सामने नहीं आया है। हालांकि ये भी एक सच्‍चाई है कि उसके दिशा-निर्देश पर ही दूसरे नेता काम करते हैं। तालिबान में उसकी इजाजत के कोई कदम आगे नहीं बढ़ाता है। तालिबान में इसको अमीर अल मौमिन या मुल्‍ला के नाम से भी बुलाते हैं। अखुंदजादा ही तालिबान की शरिया अदालत का प्रमुख है और इसको फतवे जारी करने के लिए भी जाना जाता है। इससे पहले संगठन की कमान संभालने वाले मुल्‍ला उमर और अख्‍तर मंसूर भी फतवा जारी करने के लिए इससे सलाह लेते थे। ये तालिबान की शूरा का भी वरिष्‍ठ सदस्‍य रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments