Wednesday, October 20, 2021
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बिहार में बाढ़, अररिया के कई गांवों में फैला नूना नदी का पानी

नेपाल क्षेत्र में हुई भारी बारिश से नूना नदी के जल स्तर मे गुरुवार के दोपहर काफी वृद्धि हो गई।जिसके कारण नूना नदी के नई धारा से तेज प्रवाह के साथ निकला पानी गांव घर मे फैल गया है। सालगोड़ी, कचना, औलाबाड़ी, बगुलाडांगी,अंसारी टोला,छपनिया आदि गांव में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात हो गए है। कठुआ से सालगोड़ी जाने वाली सड़क एवं चचरी पुल डूब गए है। लोगों का कहना है कि इस बार सबसे अधिक पानी आया है। नूना की नई धारा ने पड़रिया सहित आधा दर्जन गांव में तीन माह से इस प्रकार तांडव मचाया है कि इलाके के लोग गांव छोड़ भागने का मन बना लिए है। हर एक दो दिन मे बाढ़ आती है और चली जाती है।बारिश रूक जाने तथा धारा परिवर्तन स्थल ईदगाह टोला दहगांव मे दो धारों में पानी का बंटवारा हो जाने से नई धारा में पानी का दबाव कुछ घट गया है। लेकिन इसके बावजूद हालात बदतर है।वहीं बाढ़ ने गाद, बालू खेतों मे जमा कर दिया है। गांव को जोड़ने वाली सभी सड़क का संपर्क खंडित हो गया है। सालगोड़ी से पश्चिम पुल के निकट कचना जाने वाली ग्यारह हजार की लाइन का पोल गिर जाने से बिजली से बाधित हो गई है।स्थानीय मुश्ताक,शोएब,मुख्तार ने बताया कि गत तीन माह में ये चौदहवीं बार पानी बढ़ने से बाढ़ आई है।दहगामा ईदगाह के निकट निकली नई धारा के कारण इधर ये हाल हो गया है। सैकड़ों एकड़ खेत पानी मे डूबे हैं।खेती बिलकुल नदारद है। कचना के रागीव अनवर,मुजफ्फर हुसैन आदि ने बताया कि राजवंशी टोले के एक दर्जन परिवार के आंगन दरवाजे पर तीन माह से पानी जमा है। जिसके बढ़ने से वो घर तक चला गया है। इन परिवारों को पीने का पानी भी बाहय से लाना पड़ता है। अंसारी टोले के इलताफ ने बताया कि दसवीं बार मेरे आंगन मे पानी घुस गया है। पूरे टोले की यही हालत है। बार बार बाढ़ आने से खेती पूरी तरह चौपट है।सड़क पर पानी चढ़ जाने से फिर नाव का ही सहारा है। बार बार ये हालात से लोग तंग वो तबाह है।मजबुरी मे ऐसे ही जीने को विवश हैं।सालगोड़ी, कचना, अंसारी टोला,बगुलाडांगी, छपनिया, औलाबाड़ी नूना की नई धारा से विगत तीन माह से इसी हाल में जी रहे है।खेत एवं खलिहान मे रखेे सुखे घास डूबे जाने का कारण मवेशी को चारा नही मिल रहा है।इस हालात मे जी रहे लोगों को अब तक सरकारी सहायता नही मिली है। लोगोंं का कहना है कि जब तक नदी की धारा पुरानी धारा में नहीं बदल जाती है,इधर के हालात ऐसे ही रहेंगे।

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